पुराने किले आज भी old is gold की तरह हैं ।इनके मजबूती के कारणों को निचे लिखे बातोँ से जानने का प्रयास करते हैं ...
मुख्य कारण है निर्माण सामग्री , जैसे आज कल सीमेंट और ईंट व सरिया के प्रयोग से मकान बनते है ,चूँकि सीमेंट और ईट की जीवन चक्र ही 60–70 साल है अतः यह अपने बनने के 30–40 वर्षों बाद ही क्षय होने लग जाता है । पहले क्या प्रयोग होता था ?
पहले पक्के मकान या किले मुख्यतः पत्थर से बने होते थे ग्रेनाइट की चट्टानों से काट कर यह पत्थर सुंदर कलाकृति में गढ़े जाते थे । इनको जोड़ने के चूना पत्थर , चिकनी मिट्टी, उड़द की दाल को गर्म कर , या चावल की माड़ स्थानीय स्तर पर जो भी सस्ता व आसानी उपलब्ध हो जैसे चीन की दीवार में चावल का माड़ प्रयोग हुआ था ।
साथ ही निर्माण के समय स्थानीय परिस्थितियों का पूरा ख्याल रखा जाता था ना नकल को वरीयता दी जाती थी जैसे आज कल भारत मे काँच का प्रयोग बढ़ गया है मकान निर्माण में जो गर्म जलवायु वाले देशों के लिए बिल्कुल उचित नही यह तो ठंडे देशो के लिए थी ,
क्योंकि पत्थरो का जीवन काल हजारों वर्षों का होता है । इसलिए आज भी ये महल खड़े है ।

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