प्रेम ने ऐसा जादू मार दिया है ,कि सुबह से शाम तक उसके पीछे दौड़ते हैं ,जीवन
से मौत तक पागल हुए जा रहे हैं ! पागल किसने किया ? प्रेम ने ! वह कोयल में
माधुर्य पैदा करता है !वह प्रेम बुलबुल के कंठ द्वारा पुकारता है ! वही प्रेम धनवान
को धन इकट्ठा करने में लगा देता है ! वह प्रेम प्रेयसी की तरफ निहारने को ललाईत कर
देता है ! प्रेम नचाता है ,इस प्रेम ने सबको दीवाना बना दिया है ,सत्ताधिस कुर्सी
को प्रेम करते हैं , लोभी धन को प्रेम करते हैं ,अहंकारी मान बड़ाई को प्रेम करते
हैं !साधनों में प्रेम खोजा जाता है ,लेकिन मजे की बात है कि अपने सुख स्वरुप का
विम्ब उनमे दिखता है सरे विश्व को पागल बनाया है इस प्रेम ने !
पक्षियों की उड़ान , बुलबुल का चहकना
, कोयल का पिहकना , पपीहे की पुकार , स्त्री की नटखट चाल ,और मर्दों की अजीजी !यह
सारा का सारा प्रेम का ही विस्तार है !धन सत्ता के पीछे मर मिटना –यह भी प्रेम का
ही विस्तार है ! जिसने जिस-जिस साधन को प्रेम किया है , उसे उस साधन से उसे प्रेम
प्राप्ति का भ्रम होता है !
भगवान ने ऐसा कहीं भी नहीं कहा है
कि – मै गहनों का भूखा हूँ , मैं छप्पन भोग का भूखा हूँ ! परन्तु यह जरुर कहा है
कि मैं प्यार का भूखा हूँ ,मैं प्रेम का भूखा हूँ ,चाहें तुम अमीर हो या गरीब सभी
भगवान से प्रेम कर सकते हैं ! जब तुम प्रेम से कथा सुनते हो ,प्रेम करते हुए दर्शन
करते हो तो वह तुम्हारी बंदगी हो जाती है ! अगर बंदगी में प्रेम नहीं है तो वह
मजबूरी हो जाएगी !
वंदगी का था कसूर
, वंदा मुझे बना दिया !
मै खुद से था
बेखबर ,तभी तो सिर झुका दिया !!
वो थे न मुझसे दूर
, न मै उनसे दूर था !
भक्तिमती मैया
विदुरानी ने भगवान श्रीकृष्ण को केले के छिलके खिलाये ,प्रभु ने वह भोग बड़ी
प्रसन्नता के साथ ग्रहण किया !
शावरी के जुठे बैर “ प्रेम सहित प्रभु खाये,बारम्बार बखानि
!’’
बाह्य दृष्टि से तो वह भोजन अत्यंत साधारण था ,इतना ही नहीं
वह उपयुक्त भी नहीं था ,पर प्रभु ने भोजन को नहीं देखा , भोजन कराने वाली माता का
प्रेम भाव देखा ! इसप्रकार भगवान की भूख
प्रेम की भूख है !!

Thank you... ConversionConversion EmoticonEmoticon