Contact

Name

Email *

Message *

श्री कृष्ण की वंशी में जादू



   
         भारत के प्रसिध्द संगीतकार ओमकारनाथ ठाकुर देश के प्रतिनिधि के रूप में इटली गए हुए थे ! भोजन समारंभ के समय वहां शासक मुसोलिनी ने उनसे पूछा : मैंने सुना है कि भारत में श्री कृष्ण नामक गायें चराने वाला चरवाहा वंशी में फूंक मारता और अंगुलियाँ घुमाता तो गायें एकतान खड़ी हो जाती , बछड़े थिरकने लगते , मोर पंख फैलाकर नाचने लगते , अनपढ़ ग्वाल बाल और गोपियाँ आनंद से झुमने लगती !मेरी समझ में नहीं आता ! क्या यह  सत्य है ? मुझे इन बातो में विश्वास नहीं होता ! इनके खिलाफ मैंने कई वक्तब्य दिए हैं ! आप भारत से आये हैं ,इस विषय में आपका क्या कहना है ?


    ओमकार नाथ ने बातों-बातों में उन चम्मच –काँटों से प्लेटो को धीरे – धीरे तालबध्द रूप से बजानी शुरू की ! बातें बंद हो गई ....संगीत की महफ़िल जमती गई ! कुछ ही मिनटों में वहां उपस्थित सब अतिथिगण संगीत के साथ एकतान हो गए ! स्वयं मुसोलिनी भी झुमने लग गया ! संगीतज्ञ ने अपने साजों को और रंग दिया ! वातावरण में मानो कोई बिलक्षण नशा छा गया ! मुसोलिनी का सिर झूमते-झूमते टेबुल पर टकराने लगा , ओमकार नाथ ने ऐसा बजाया कि उसका सिर लहूलुहान होने लगा ! तब मुसोलिनी चिल्ला पड़ा ..! बस ..... बस ...बस करो अपना बजाना !
     ओमकार नाथ ने कहा : अपने सिर को रोक दो , झूमना बंद करो ! अब नहीं रोका जाता , सिर से खून बह रहा है ,....अब सहा नहीं जाता !
   ओमकार नाथ ने संगीत बंद कर दिया ! वातावरण शांत हो गया ! मुसोलिनी स्वस्थ हुआ तो ओमकार नाथ से ,प्यार भरी निगाहों से निहारते हुए उनसे कहा “मेरे जुठे चम्मचो और प्लेटों के संगीत से, हमारी जीवन शक्ति आन्नदित होकर तीव्रता से आंदोलित हो सकती है ,तो परमात्मा स्वरुप श्री कृष्ण वंशी बजाते हुए नूरानी नजरो से गोप-गोपियों को निहारकर आनंद से झुमा दें ,तो इसमे क्या आश्चर्य है !!

Previous
Next Post »

1 comments:

Click here for comments
Unknown
admin
29 September 2018 at 12:16 ×

Bharat no magma Mahan hai...

Congrats bro Unknown you got PERTAMAX...! hehehehe...
Reply
avatar

Thank you... ConversionConversion EmoticonEmoticon